1 Part
49 times read
2 Liked
जाने कब पहुंचे तरक्की अब हमारे गांव में। रास्ता लंबा बहुत है और छाले पांव में। कागजों पर बह रही है नहर और नदियां यहां। खेत में सूखी हैं फसलें लोग ...